इबादत करती हूँ ईश्वर से मिले जन्म केवल क्षत्रिय कुल में
मान मर्यादा को बनाए रखने के लिए हर खुशी जाऊ भूल मैं
जब जब सुनु अपने कानो से माँ पद्मावती के जौहर के किस्से
धधक जाए मेरे अंदर एक ज्वाला मिटा दु दिल से डर के हर हिस्से
जब जब याद आये माँ भवानी का विकराल रूप मेरे तन और मन में
मैं भी कर दू सर्वनाश दुष्टों का और गाउ गाथा माँ की जन जन में
जब जब जन्म लु इस धरती पर तो ऐसा जीवन मैं पाऊ
पीठ पर बांधे पूत घोटक पर सवार झाँसी की रानी मैं बन जाऊं
कर दु विनाश शत्रु का चुभ जाऊ बन कर उनके सीने मे शूल मैं
इबादत करती हूँ ईश्वर से मिले जन्म मुझे केवल क्षत्रिय कुल में
*प्रियंका PJ* ✍

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